मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मुरादाबाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रथम डिजिटल युद्ध स्मारक 'त्रिशूल–भारतीय रक्षा संग्रहालय' का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों का सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और यह संग्रहालय देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति तथा सैन्य परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'त्रिशूल–भारतीय रक्षा संग्रहालय' केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। यहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, विभिन्न युद्धों, वीरता गाथाओं और सैन्य उपलब्धियों को आकर्षक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी देश के वीर सैनिकों के त्याग और समर्पण को निकट से जान सकेगी।
उन्होंने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाओं ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया है। ऐसे में यह डिजिटल युद्ध स्मारक राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा युवाओं को सेना में सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नई पहचान बनेगा। यहां आने वाले विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, युद्धों की महत्वपूर्ण घटनाओं और वीर सैनिकों के बलिदान से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान और उनकी गाथाओं का संरक्षण ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है।
'त्रिशूल–भारतीय रक्षा संग्रहालय' के उद्घाटन के साथ मुरादाबाद को एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर मिली है, जो आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और वीरता के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


