गाजियाबाद पुलिस का बड़ा कदम: महिला सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, हर थाना स्तर पर बनेगी Women Volunteer Force, मिशन शक्ति केन्द्रों और पिंक बूथों की समीक्षा बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
गाजियाबाद, 24 जून। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रत्येक थाना स्तर पर Women Volunteer Force (महिला स्वयंसेवी बल) के गठन का निर्णय लिया है। यह निर्णय बुधवार को पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में आयोजित मिशन शक्ति केन्द्र एवं पिंक बूथों की कार्यप्रणाली पर संवाद-समीक्षा गोष्ठी के दौरान लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त ने की, जिसमें महिला सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया।
गोष्ठी में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध, सभी मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारियों, पिंक बूथ प्रभारियों तथा परिवार परामर्श केन्द्र के अधिकारियों ने भाग लेकर महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
महिला सुरक्षा व्यवस्था की हुई व्यापक समीक्षा
बैठक के दौरान मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों तथा पिंक बूथों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि वर्तमान समय में कमिश्नरेट गाजियाबाद में 24 मिशन शक्ति केन्द्र और 20 पिंक बूथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, कानूनी परामर्श, मानसिक सहयोग, घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित महिलाओं को हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाए।
Women Volunteer Force बनेगी पुलिस और समाज के बीच मजबूत कड़ी
गोष्ठी में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय Women Volunteer Force के गठन का रहा। यह पूरी तरह स्वयंसेवी व्यवस्था होगी, जिसमें समाज की जागरूक एवं इच्छुक महिलाएं मिशन शक्ति केन्द्रों और पिंक बूथों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा एवं जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
यह स्वयंसेवी बल प्रत्येक थाना स्तर पर गठित किया जाएगा और महिलाओं तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, जरूरतमंदों की सहायता करने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने तथा पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगा। अधिकारियों का मानना है कि जनभागीदारी बढ़ने से महिला सुरक्षा अभियान और अधिक प्रभावी साबित होगा।
स्कूल खुलने से पहले एंटी रोमियो स्क्वॉड रहेगा हाई अलर्ट पर
बैठक में आगामी ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के पुनः खुलने को देखते हुए छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई। निर्णय लिया गया कि एंटी रोमियो स्क्वॉड को पहले से अधिक सक्रिय किया जाएगा।
विद्यालयों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बस स्टैंड, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित गश्त, सघन चेकिंग तथा संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
गांव से शहर तक चलेगा जागरूकता अभियान
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केन्द्रों और पिंक बूथों के माध्यम से महिला हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, बालिका सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का हुआ सम्मान
गोष्ठी के दौरान विभिन्न मिशन शक्ति केन्द्रों एवं पिंक बूथ प्रभारियों ने अपनी उपलब्धियों और कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। महिला सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति केन्द्रों, पिंक बूथों और नवगठित Women Volunteer Force के माध्यम से महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के अभियान को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे प्रत्येक महिला स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस कर सके।


