नमो भारत ट्रेन में बढ़ती भीड़ पर उठी चिंता, पीक आवर्स में अतिरिक्त कोच जोड़ने की मांग - राजकुमार सागवान सांसद
6/09/2026
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मेरठ/दिल्ली। देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (RRTS) के रूप में पहचान बना चुकी नमो भारत ट्रेन आज लाखों यात्रियों की पहली पसंद बन गई है। आधुनिक सुविधाओं, तेज रफ्तार और समय की बचत के कारण यह सेवा लगातार लोकप्रिय होती जा रही है। हालात यह हैं कि जो सफर पहले घंटों में पूरा होता था, वह अब कुछ ही मिनटों में तय हो रहा है। यही वजह है कि प्रतिदिन नमो भारत से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
हालांकि, बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे भी सामने आने लगे हैं। विशेष रूप से सुबह और शाम के पीक आवर्स में ट्रेनों के भीतर अत्यधिक भीड़ देखने को मिल रही है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और अन्य यात्री बड़ी संख्या में इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जिसके कारण कई स्टेशनों पर यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि भीड़ का सबसे अधिक असर महिलाओं, छोटे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों पर पड़ता है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि ट्रेन के डिब्बों में प्रवेश करने के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। भीड़ के कारण यात्रा का अनुभव प्रभावित होता है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ जाती हैं।
इसी विषय को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री से आग्रह किया गया है कि वे नमो भारत ट्रेन में बढ़ती भीड़ की समस्या का संज्ञान लें और इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मांग की गई है कि इस विषय पर एक विस्तृत तकनीकी अध्ययन (Technical Study) कराया जाए, जिससे वर्तमान और भविष्य में यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रभावी भीड़ प्रबंधन की योजना तैयार की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभी से यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप रणनीति नहीं बनाई गई तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इसलिए यात्री भार, यात्रा के समय, स्टेशनवार भीड़ और ट्रेनों की क्षमता का वैज्ञानिक विश्लेषण कर स्थायी समाधान तलाशना आवश्यक है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक त्वरित और व्यावहारिक सुझाव भी सामने आया है। इसके तहत पीक आवर्स के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने अथवा ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इससे भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को अधिक आरामदायक तथा सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
नमो भारत परियोजना को देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह केवल एक ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि विकसित भारत के उस विजन का हिस्सा है जिसमें तेज, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना लक्ष्य है।
यात्रियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि नमो भारत ट्रेन पर जनता का जो विश्वास बना है, उसे और मजबूत करने के लिए समय रहते भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। यदि पीक आवर्स में अतिरिक्त कोच, बेहतर संचालन व्यवस्था और वैज्ञानिक अध्ययन जैसे कदम उठाए जाते हैं तो यह सेवा आने वाले वर्षों में और अधिक प्रभावी, सुरक्षित तथा जनहितकारी साबित होगी।
नमो भारत की सफलता केवल इसकी रफ्तार में नहीं, बल्कि हर वर्ग के यात्री को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराने में निहित है। यही सोच इसे आधुनिक भारत की सबसे महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में शामिल करती है।
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