15 जुलाई से रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, AI करेगा दलालों पर वार, यात्रियों को मिलेगी राहत!
6/12/2026
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार 15 जुलाई से रेलवे की वेबसाइट और ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को नए स्वरूप में लॉन्च किया जाएगा। इस नए सिस्टम का उद्देश्य टिकट बुकिंग को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में आने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
वर्षों से यात्री तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट के धीमे होने, सर्वर क्रैश होने और टिकट उपलब्ध न होने जैसी समस्याओं का सामना करते रहे हैं। कई बार टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सीटें समाप्त हो जाती थीं, जिससे आम यात्रियों में नाराजगी देखने को मिलती थी। रेलवे का दावा है कि नई तकनीक के जरिए इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
एक मिनट में 4 लाख टिकट बुक करने की क्षमता
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नया टिकट बुकिंग सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा और यह एक मिनट में लगभग 3 से 4 लाख टिकट बुक करने की क्षमता रखेगा। वर्तमान व्यवस्था की तुलना में यह क्षमता काफी अधिक मानी जा रही है। इससे टिकट बुकिंग के समय सर्वर पर पड़ने वाले भारी दबाव को संभालना आसान होगा और यात्रियों को तेज प्रतिक्रिया मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक सफलतापूर्वक काम करती है तो टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट के हैंग होने या बार-बार एरर आने जैसी समस्याएं काफी कम हो सकती हैं।
AI की मदद से होगी टिकट दलालों पर सख्त निगरानी
रेलवे ने टिकट दलाली और बॉट आधारित बुकिंग पर लगाम लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली भी लागू करने की योजना बनाई है। यह प्रणाली ऐसे संदिग्ध खातों और बुकिंग पैटर्न पर नजर रखेगी जो सॉफ्टवेयर या स्वचालित बॉट्स के जरिए तत्काल टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं।
रेलवे का मानना है कि AI तकनीक की मदद से फर्जी बुकिंग और दलालों की गतिविधियों की पहचान पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। इससे वास्तविक यात्रियों को टिकट प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
तत्काल टिकट बुकिंग में मिल सकती है बड़ी राहत
तत्काल टिकट बुकिंग भारतीय रेलवे की सबसे चुनौतीपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। टिकट खुलते ही कुछ ही सेकंड में सीटें खत्म हो जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में यदि नया सिस्टम अपेक्षित परिणाम देता है तो लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टिकट वास्तविक जरूरतमंद यात्रियों तक पहुंचे और तकनीकी खामियों या दलालों के कारण आम लोगों को नुकसान न उठाना पड़े।
यात्रियों की निगाहें 15 जुलाई पर
अब पूरे देश के यात्रियों की नजर 15 जुलाई पर टिकी हुई है। रेलवे के इस बड़े तकनीकी बदलाव से उम्मीद की जा रही है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता का आकलन सिस्टम लागू होने के बाद ही किया जा सकेगा।
यदि रेलवे का यह प्रयास सफल रहता है तो यह भारतीय रेलवे के डिजिटल इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और करोड़ों यात्रियों के सफर को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक बना सकता है।
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