बागपत में पिंक समाधान दिवस का आयोजन, तीनों तहसीलों में 81 शिकायतें दर्ज
10/17/2026
0
डीएम दिव्यांशु पटेल और एसपी पूर्णेन्दु सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, 11 शिकायतों का मौके पर समाधान
बागपत, 17 अक्टूबर 2026। जनपद बागपत में शनिवार को मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत संपूर्ण समाधान दिवस को ‘पिंक समाधान दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल और पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने तहसील बागपत में पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
तीनों तहसीलों में प्राप्त हुईं 81 शिकायतें
संपूर्ण समाधान दिवस में जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 81 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 का मौके पर निस्तारण किया गया।
बागपत तहसील में 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पांच का निस्तारण किया गया। बड़ौत तहसील में 29 शिकायतें आईं, जिनमें चार का मौके पर समाधान हुआ। वहीं, खेकड़ा तहसील में सात शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो का निस्तारण किया गया।
बागपत के एसडीएम दिग्विजय सिंह, बड़ौत के एसडीएम बीके त्रिपाठी और खेकड़ा की एसडीएम सुरभि शर्मा ने अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दी।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर रहा जोर
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित पिंक समाधान दिवस में महिला सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम स्थल को गुलाबी थीम पर सजाया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
डीएम दिव्यांशु पटेल ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर ऐसा समाधान किया जाए, जिससे शिकायतकर्ता को राहत मिल सके। उन्होंने सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तीरथ लाल, डीएफओ विनोद कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी सुकन्या शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
Tags
अन्य ऐप में शेयर करें


