मिशन शक्ति केंद्र: भरोसा, सहारा और कार्रवाई—अब एक ही छत के नीचे
1/10/2026
0
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता लगातार ज़मीनी स्तर पर मज़बूत होती जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 07 जनवरी 2026 को कानपुर देहात (#KanpurDehat) में मिशन शक्ति का ऑन-ग्राउंड इकोसिस्टम और अधिक सशक्त रूप में सामने आया। यह पहल माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के उस विज़न को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है, जिसमें महिला सुरक्षा को केवल नारे नहीं बल्कि ठोस व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पाँच नवीनीकृत मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन
महिला सुरक्षा को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से एडीजी जोन कानपुर द्वारा जनपद कानपुर देहात के
अकबरपुर,
भोगनीपुर,
सिकन्दरा,
शिवली और
डेरापुर
में स्थित 5 नवीनीकृत मिशन शक्ति केंद्र भवनों का विधिवत उद्घाटन किया गया। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षित वातावरण और संवेदनशील कार्यप्रणाली के साथ विकसित किया गया है, ताकि महिलाएँ बिना किसी भय के अपनी समस्याएँ साझा कर सकें।
“अम्ब्रेला सपोर्ट सिस्टम” के रूप में मिशन शक्ति केंद्र
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण (DGP UP) की परिकल्पना के अनुरूप ये मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं के लिए एक “अम्ब्रेला सपोर्ट सिस्टम” के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी महिला को न्याय, सहायता या परामर्श के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
इन केंद्रों पर प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मी, काउंसलर और सहयोगी स्टाफ तैनात हैं, जो महिला पीड़ितों को प्री-कम्प्लेंट स्टेज से लेकर पोस्ट-चार्जशीट तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान करते हैं।
एक ही स्थान पर बहुआयामी सहायता
मिशन शक्ति केंद्रों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ महिलाओं को एक ही छत के नीचे कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं—
संवेदनशील और गोपनीय काउंसलिंग सुविधा,
कानूनी प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी और विधिक सहायता,
शिकायत दर्ज कराने से पहले समझाइश और मार्गदर्शन,
केस दर्ज होने के बाद निरंतर फॉलोअप,
पीड़िता को समयबद्ध राहत और क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
यह व्यवस्था महिलाओं को मानसिक, सामाजिक और कानूनी रूप से मज़बूत बनाती है और उन्हें यह भरोसा दिलाती है कि सिस्टम उनके साथ खड़ा है।
भरोसे का केंद्र बनते मिशन शक्ति भवन
नवीनीकृत मिशन शक्ति केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए भरोसे, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बनते जा रहे हैं। यहाँ आने वाली महिलाएँ खुद को अकेला नहीं महसूस करतीं, बल्कि उन्हें यह एहसास होता है कि उनकी बात सुनी जा रही है और उस पर त्वरित कार्रवाई भी हो रही है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल
कानपुर देहात में इन पाँच मिशन शक्ति केंद्रों का सशक्त रूप में संचालन यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यह पहल न केवल अपराधों की रोकथाम में सहायक है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रही है।
मिशन शक्ति केंद्र आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए एक ऐसा मंच बन चुके हैं, जहाँ भरोसा भी है, सहारा भी और ज़रूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई भी—वह भी एक ही छत के नीचे।
Tags
अन्य ऐप में शेयर करें


