नाबालिग के जघन्य हत्याकांड में इंसाफ: गाजियाबाद पुलिस ने दिलाई उम्रकैद, 1.30 लाख का अर्थदण्ड
1/17/2026
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Samvaddata Umesh
गाजियाबाद।
कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस द्वारा ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और प्रभावी न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद के दिशा-निर्देशन में गठित कन्विक्शन सेल की सतत निगरानी, उच्चस्तरीय विवेचना एवं न्यायालय में मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप एक जघन्य अपराध के दोषी को आजीवन कारावास सहित भारी अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है।
थाना मुरादनगर, गाजियाबाद पर पंजीकृत मुकदमे में अभियुक्त महाजन पुत्र लल्लू, निवासी झुग्गी-झोपड़ी, इन्द्रापुरी, थाना मुरादनगर को मा० न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश, गाजियाबाद द्वारा दिनांक 17 जनवरी 2026 को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने अभियुक्त को
धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदण्ड,
धारा 201 भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदण्ड,
धारा 377 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20,000 रुपये अर्थदण्ड,
धारा 6 पॉक्सो अधिनियम में आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदण्ड
से दण्डित किया है। इस प्रकार कुल मिलाकर अभियुक्त पर 1 लाख 30 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह सफलता तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक/विवेचक उमेश बहादुर सिंह, थाना मुरादनगर द्वारा की गई उच्च गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) उत्कर्ष वत्स द्वारा मा० न्यायालय में की गई प्रभावी, तथ्यपरक और सशक्त पैरवी का प्रतिफल है। कन्विक्शन सेल के निरंतर प्रयासों ने मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मामले की पृष्ठभूमि
वादी द्वारा दिनांक 08.04.2019 को थाना मुरादनगर में तहरीर दी गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री बिना बताए घर से खेलने के लिए निकली थी, जो वापस नहीं लौटी। बाद में पाईप लाईन रोड स्थित गन्ने के खेत में बच्ची का शव मृत अवस्था में पाया गया। इस संबंध में थाना मुरादनगर पर धारा 302/201 भादवि के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान सुसंगत एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 377/376A भादवि एवं धारा 5/6 पॉक्सो अधिनियम की वृद्धि की गई।
गाजियाबाद पुलिस की यह कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से पुलिस की यह प्रतिबद्धता कानून के राज और जनविश्वास को और मजबूत करती है।
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