उमेश कुमार
लोनी। जी हां आपको बता दें चुनाव का प्रचार सभी पार्टियों के प्रत्याशी जोर शोर से कर रहे हैं पर क्या आपको पता है कि यहां पर वोटों का समीकरण क्या कहता है जी हां हम आपको बताते हैं कि इस बार जनता का झुकाव किसकी ओर होगा और कौन यहां पर 2022 में अपनी सरकार बनाएगा आपको बता दें मुस्लिम समुदाय के 1लाख 40 हजार वोट हैं गुज्जर समाज के 80000 अनुसूचित जातियों के 80000 ब्राह्मणों के 65000 जाटों के 20000 वैश्य समाज के 15000 त्यागी समाज के 15000 और क्षत्रिय समाज के 10,000 वोट लोनी में है पर इस बार जहां तक देखा जाए मुस्लिम समुदाय वरिष्ठ रालोद नेता व गठबंधन प्रत्याशी पूर्व विधायक मदन भैया के समर्थन में हैं। गुर्जर जाति से संबंध रखने के कारण गुर्जर समाज के कुछ प्रतिशत वोट भी उनके पक्ष में हैं और बाकी 36 बिरादरी भी उन्हें सपोर्ट कर रही हैं तो इस बार आंकड़ों के हिसाब से मदन भैया को कम से कम 150000 से ऊपर वोट मिलने के रुझान हैं। वहीं भाजपा से हाजी अकील भी अनुसूचित जाति और मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिशत वोट ले सकते हैं बात अगर भाजपा की की जाए तो नंदकिशोर गुर्जर के साथ भी स्वर्ण समाज के कुछ लोग कुछ गुर्जर जाति के लोग भी उनके पक्ष में हैं पर इस बार उनका विधायक बनना आसान नहीं होगा जनता का रुझान इस बार उनकी तरफ नजर नहीं आ रहा है या यूं कहिए भाजपा का लोनी में सफाया हो जाएगा।
वहीं निर्दलीय प्रत्याशी रंजीता धामा भी जोर शोर से प्रचार में जुट गई हैं उन्हें काफी जनता का समर्थन मिल रहा है 55 वार्डों के सभासदों ने उन्हें समर्थन दिया है तो समीकरण इस बार बहुत ही रोचक होने वाले हैl
जहां तक लोनी की जनता का सवाल है सभी एक मजबूत प्रत्याशी के रूप में मदन भैया को देख रहे हैं और वह उन्हें सपोर्ट भी कर रहे कई बड़े नेता भी अब तक मदन भैया को समर्थन दे चुके है। करीब करीब इस बार लोनी में तो रालोद का बोलबाला होगा।

